
नालंदा जिला में अनियमितता के आरोप में तीन मुखिया पर गाज गिरना तय हो गया है. नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह ने इन्हें बर्खास्त करने की अनुशंसा पंचायती राज विभाग के सचिव को कर दी है ।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, तीन पंचायत के मुखिया पर सात निश्चय योजना के तहत होने वाले कार्य के लिए वार्ड में राशि हस्तांतरित नहीं करने का आरोप है. जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने इनकी जांच की थी. जांच में आरोप सही पाए गए हैं. उन्हें पद से हटाने की अनुशंसा की गई है.
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किन-किन मुखिया पर होगी कार्रवाई
1.तुलसी पंचायत के मुखिया : चंडी प्रखंड के तुलसीगढ़ पंचायत के मुखिया मणिकांत मनीष पर भी राशि हस्तांतरित नहीं करने का आरोप है. इस मामले में उन्होंने जिला पंचायत पदाधिकारी के नोटिस का जवाब दिया है. लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं रहने के कारण इनके विरुद्ध भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है
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2. कोरावां पंचायत की मुखिया: हिलसा प्रखंड के कोरावां पंचायत की मुखिया प्रेमशिला देवी को बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है. प्रेमशीला देवी पर आरोप है कि उन्होंने पंचायत के खाते में पर्याप्त राशि रहने के बावजूद वार्ड में राशि हस्तांतरित नहीं की है. जिसके कारण विकास बाधित हुआ है. साथ ही उन्होंने स्पष्टीकरण का जवाब भी नहीं दिया है
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3. धुरगांव पंचायत की मुखिया: एकंगरसराय प्रखंड के धुरगांव पंचायत की मुखिया संजू देवी पर भी राशि हस्तांतरित नहीं करने का आरोप है. जिला पंचायत राज पदाधिकारी की जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है