
नालंदा जिला के एक मुखिया और उसके दो भाई समेत 60 लोगों के खिलाफ चंडी थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है । ये मुकदमा चंडी के अंचलाधिकारी राजीव कुमार वर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। मुखिया मणिकांत मनीष और उसके समर्थकों को पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में कहा गया है कि हिलसा एसडीओ के आदेश पर 19 अप्रैल को प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और चंडी थाने के एक सब इंस्पेक्टर दीवार हटाने के लिए तुलसीगढ़ गए थे। लेकिन, वहां मुखिया अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और हंगामा करने लगे। मुखिया के कई समर्थक जेसीबी मशीन के आगे खड़े हो गए। विरोध प्रदर्शन और हंगामे की वजह से अधिकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा था । दरअसल, पूरा बवाल जमीन के एक टुकड़े को लेकर है । मुखिया मणिकांत मनीष इसे गैरमजरूआ जमीन बता रहे हैं । उनका कहना है कि जमीन पर मनरेगा भवन बनाए जाने का प्रस्ताव है। जिससे विद्यालय परीक्षा समिति को भी कोई आपत्ति नहीं है । जबकि सीओ राजीव कुमार वर्मा इसे बिहार सरकार की जमीन बता रहे हैं और उनका कहना है कि अनुमंडलाधिकारी के आदेश के बाद ही प्रशासन दीवार तोड़ने गई थी।