
कोरोना वायरस के बीच अब बर्ड फ्लू ने नालंदा जिला में दस्तक दी है । जिसके बाद जिला प्रशासन के हाथ पांव फूले हैं. सिविल सर्जन से लोगों से पक्षियों को न खाने की अपील की है .
बर्ड फ्लू की पुष्टि
नालंदा जिला में बर्ड फ्लू का पहला मामला कतरी सराय के बिलारी पंचायत में पाया गया. जहां सैदपुर गांव के पॉलट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू पाया गया है । दरअसल, इस पॉल्ट्री फॉर्म के मुर्गे के सैंपल को भोपाल गया था. जहां से बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है।
जिला प्रशासन मुर्गों को दफनाया
बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद नालंदा के जिला पशुपालन पदाधिकारी अशोक कुमार विद्यार्थी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम सैदपुर गांव पहुंची. जहां 900 मुर्गों को मारकर बोरे में बंद कर जमीन में दफनाया गया.
सिविल सर्जन ने दी सलाह
मुर्गों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. राम सिंह ने लोगों से मुर्गा समेत दूसरे पक्षियों का मीट नहीं खाने का आग्रह किया है ।