
आरजेडी में श्याम रजक की राह इतनी आसान नजर नहीं आ रही है. आरजेडी में शामिल होने से पहले ही उनका विरोध शुरू हो गया है. आरजेडी महासचिव सत्येंद्र पासवान ने श्याम रजक को पार्टी में शामिल करने का विरोध किया है.
पुरानी टिप्पणी का दिया हवाला
आरजेडी के नेता सत्येंद्र पासवान ने श्याम रजक को आरजेडी में शामिल किए जाने का विरोध किया है.. सत्येंद्र पासवान ने कहा है कि 2009 में आरेजडी छोड़ते वक्त श्याम रजक ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. सत्येंद्र पासवान ने लिखा कि साल 2009 में राजद छोड़कर जद(यू ) में शामिल होते ही श्याम रजक ने कहा था कि लालू यादव में हिम्मत है तो पटना के गांधी मैदान में लंगोटा बांधकर फरिया लें. इसलिए श्याम रजक को अब फिर से आरजेडी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए.
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फुलवारी से टिकट नहीं दिए जाने की मांग
राजद महासचिव सत्येंद्र पासवान ने कहा कि अपने खिसकते जनाधार को देखते हुए श्याम रजक आरजेडी में शामिल होना चाहते हैं. सत्येंद्र ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि अगर श्याम रजक आरजेडी में शामिल हो भी जाते हैं तो उन्हें फुलवारी से टिकट नहीं दिया जाना चाहिए .क्योंकि थोड़ा सबक भी मिलना जरूरी है. साथ ही ताकि फुलवारी में समर्पित कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा बची रहें
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सोमवार को देंगे इस्तीफा
सूत्रों का कहना है कि श्याम रजक सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपेंगे. और उसके बाद वे आरजेडी में शामिल हो जाएंगे ।
कभी लालू के करीबी थे
श्याम रजक की गिनती कभी लालू यादव के सबसे करीबी नेताओं में थी। लेकिन साल 2009 में आरजेडी का दामन छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए थे. साल 2010 में जेडीयू के कोटे से विधायक बने और मंत्री बने। 2015 में महागठबंधन से विधायक बने थे तो मंत्री पद नहीं मिला। अब एक बार फिर वो जेडीयू का दामन छोड़कर आरजेडी में शामिल हो सकते हैं.