
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लागू है । ऐसे में बिहार पुलिस भी सख्ती से लॉकडाउन लागू करने में जुड़ी है। सड़क पर बिना जरूरी घूमने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। लॉकडाउन तोड़ने में नालंदा के लोग सबसे आगे रहे हैं.
नालंदा नंबर वन
लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों में नालंदा के लोग सबसे आगे रहे. पिछले हफ्ते की आई रिपोर्ट के आधार पर लॉकडाउन तोड़ने पर सबसे ज्यादा केस नालंदा जिला में ही दर्ज किया गया है । नालंदा जिले की पुलिस ने 165 केस दर्ज किए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर सीवान.तीसरे नंबर पर कटिहार और चौथे नंबर पर गया है.
इसे भी पढ़िए-जाम छलकाते पकड़े गए दारोगा जी.. SP साहब ने रंगे हाथ दबोचा
2 करोड़ 67 लाख जुर्माना
पिछले 16 दिनों के लॉकडाउन में बिहार पुलिस ने 11 हज़ार 205 से अधिक गाडि़यां जब्त की गई हैं. जबकि 542 लोगों को जेल भेजा गया है. यही नहीं, 723 लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है. सबसे ज्यादा गाड़ियां पटना जिले में जब्त की गई है ।
इसे भी पढ़िए-मजेदार खबर: लॉकडाउन के दौरान लाठी खाने से बचने का अनोखा तरीका
शेखपुरा समेत कई जिलों ने दिखाई समझदारी
लॉकडाउन (Lockdown) में अनुशासन तोड़ने के मामले में करीब पांच सौ से अधिक लोग जेल जा चुके हैं. वहीं, चार जिले ऐसे भी हैं जहां लॉकडाउन का एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी एक भी एफआइआर दर्ज करने की नौबत नहीं आई है. जिसमें शेखपुरा, किशनगंज, सुपौल, जमुई ,अरवल, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज,नवगछिया, मुंगेर,लखीसराय और खगडि़या में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की नौबत नहीं आई है. लेकिन इन जिलों में लोगों की गाड़ियां जब्त हुई हैं और जुर्माना भी भरा है.