
नालंदा की बहू गेसू ने जिले का नाम रोशन किया है । गेसू ने 30 वीं बिहार न्यायिक सेवा में 18 वां रैंक हासिल किया है। ये सफलता उन्हें पहले ही प्रयास हासिल हुआ है ।
पिता की मौत से टूट गई थी गेसू
गेसू जब लॉ कर रही थी, तभी पिता मुकुल कुमार का निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। लेकि मां रीता अवस्थी और पति अवनीश आनंद ने हौसला दिया . जिसके बाद उन्होंने दोबारा लॉ कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। इसके बाद ज्यूडिशियरी सर्विस की तैयारी की और पहले प्रयास में ही सफल रही। गेसू ने पटना सेंट्रल स्कूल से 10 वीं और 12 वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद आईएएस लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि दुनिया में असंभव नाम की कोई चीज नहीं है।
पति मेरे मेंटर हैं
गेसू सफलता का श्रेय अपने पति अवनीश आनंद को देती हैं. उनका कहना है कि उनके पति उनके मेंटर हैं। उन्होंने नौकरी और फैमिली के बीच जिस तरह समय निकालकर मुझे सपोर्ट किया, वो काबिलेतारीफ है। गेसू बताती हैं कि बचपन से ही शौक था कि जज बनूंगी और लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए काम करूंगी।
सकरौढ़ा में है ससुराल
गेसू का ससुराल नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड के सकरौढ़ा गांव में हैं। उनके ससुर का नाम बृज किशोर सिंह है जो सेवानिवृत आर्मी के जवान है. गेसू की शादी फरवरी 2017 में अवनीश आनंद से हुई जो IIT गुवाहाटी से बी.टेक हैं और अभी बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनयर हैं ।
बधाइयों का लगा तांता
गेसू को सफलता मिलने के बाद बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. घर में ख़ुशी का माहौल है. जब वो अपनी ससुराल सकरौढा गाँव पहुँची तो बीजेपी नेता कौशलेंद्र कुमार, सुधीर सिंह समेत कई अन्य लोगों ने बुके देकर बधाई दी.
बचपन से ही जज बनने की थी इच्छा
गेसू ने बताया कि बचपन से ही उन्हें न्यायिक सेवा में जाने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं के ऊपर जो अत्याचार हो रहे हैं उनकी तरफ से पूरी कोशिश रहेगी कि महिलाओं को न्याय मिल सकें. आज के सामाजिक परिवेश में सरकार के द्वारा बनाए गए कानून को सही ढंग से लागू करने की बात कही. उन्होनें कहा कि न्यायिक प्रक्रिया सबूतों के आधार पर किया जाता है. अगर कोई अपराधी न्यायालय से बरी हो रहा है तो इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटाए गए हैं. पुलिस प्रशासन का दायित्व बनता है कि वे कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य रखे. उन्होंने महिलाओं के लिए कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें. सफलता अवश्य ही हासिल होगी.